सरस्वती प्रसाद

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सरस्वती प्रसाद का जन्म २८ अगस्त, १९३२ चर्चित लेखिका, सुमित्रानंदन पंत की मानस पुत्री एवं समकालीन कवयित्री रश्मि प्रभा की माँ हैं। सरस्वती प्रसाद के प्रकाशित संग्रह – ‘नदी पुकारे सागर’ और ‘एक थी तरु’ एवं प्रकाशित रचनाएँ- कादम्बिनी, साप्ताहिक हिंदुस्तान, नैन्सी हैं। उनकी मृत्यु १९ सितम्बर, २०१३ में हुआ | आज उनके जन्मदिन पर हम उन्हें याद करते है और उन्हें शत-शत नमन करते हैं |

सरस्वती प्रसाद के शब्दों में,
“मैं वट-वृक्ष हूँ.. तुम नव अंकुर.. यही मान जीती हूँ.. तेरे हित मैं स्वर्ण पात्र का हलाहल पीती हूँ… कुछ सपने बाकी हैं अपने.. जिन्हें हैं पूरा होना.. इसके बाद ही इस पंथी को गहरी नींद हैं सोना.. बचपन से मैं अपनी सोच को शब्दों का रूप देती आई… कवि पन्त ने मुझे अपनी बेटी माना… और तभी संकलन निकालने का सुझाव दिया, इस आश्वासन के साथ की भूमिका वे लिखेंगे.. मेरी रचना “नदी पुकारे सागर” प्रकाशित हुई.. मेरे मान्य पिता श्री पन्त इसकी भूमिका नहीं लिख सके पर उनकी अप्रकाशित कविता जो उन्होंने मेरे प्रयाग आगमन पर लिखी थी.. इस संकलन में हैं जो भूमिका की भूमिका से बढ़कर हैं…”